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कपडे नहीं मानसिकता बदलिए | Kapde nahin mansikta badaliye

वर्त्तमान परिस्थिति के ऊपर मेरे विचार जो की मेरी किताब ( three legend with one angel ) से ली गई है ..
अगला दृश्य भारत का एक शहर , और वहाँ का सिटी माल , उसके अंदर कुछ लड़के घूमते नजर आए । जिनमे से सभी लड़के कालेज मे पढ़ने वाले नजर आ रहे हैं ! उनकी फटी हुई जींस रंग बिरंगी कमीज़ , और अनोखे जूते इस बात का सबूत दे रहे हैं ! की वो नई पीढ़ी के युवा हैं ! अब वो एक रस्टोरेंट मे घुसे , वहाँ जाकर एक टेबल के पास बैठे , सामने खुशी का झरना बह रहा है ! मतलब कुछ लडकियां पार्टी मना रही है . सब के सब आधुनिक और अनोखे कपड़ों में, और एक लडकी जिसने सबसे छोटे कपडे पहने हैं , बहुत सुन्दर चेहरे के साथ अपनी धुन में मस्त , जिसे ध्यान से देखा जाय तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती उसका माप लेने में , जिसका बदन आधा ही ढंका है , पीठ पूरी नंगी , टाँगे पूरी तरह से खुला हुआ , सिर्फ दो चार रुमाल में ढंका उसका जिस्म ,
और बगल में बैठे लड़कों में से एक लड़का वहां से उठा ! सीधे उस लडकी के बगल में जाकर बैठ गया, उसके खुले शरीर को घूरने लगा . कुछ बोला नहीं, अब लडकियां शांत और, डरने लगी, और उसी लडकी का मुंह खुला , "तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है ? लड़का अब भी चुप ! लडकी दोबारा बोली "हेल्लो - क्या कर रहे हो यहाँ पर ? अब लड़के की नजर उस लडकी के चेहरे पर गया ,, मेरा एक सवाल है ? लड़की अकड़ कर बोली -- पूछो – "जब कोई बात करेगा तुमसे , चाहे वो कोई दोस्त हो या तेरा भाई , या फिर शायद तुम्हारे पिताजी . उसकी निगाहें सिर्फ तुम्हारे चेहरे पर कैसे टिकेगी ?
"ये कैसा बेहूदा सवाल है ? लड़की उस से नजरें चुराते हुए बोली . और तभी एक हीरो उसकी बगल में खडा होकर उस लड़की से पूछने लगा . क्या ये आपको तंग कर रहा है ? अब वो हीरो थोडा और अपने केरेक्टर में घुसते हुए अपना हाथ उस गुंडे के कंधे पर रखा ! और बोला , "ओये सीधी तरह हट जा यहाँ से वर्ना..... अब वो गुंडा उठ गया जिसे देख कर वो हीरो खुश हुआ, तभी जोरदार आवाज गूंजी ! वो हीरो ताकतवर झापड़ खाकर जमीन पर पडा मिला और अपने गाल पर हाथ रखकर चुपचाप खिसक गया .
वो गुंडा अपने चेहरे पर हलकी सी मुस्कान रखे हुए वापिस बैठा , और अपने हथेली से अपने गाल को टिका लिया ,और उसकी नजरें लड़की की तरफ . बड़े प्यार से बोला- "छोडिये उस लड़के को और ये बताइए , जब मै आपसे बात करूँ ! और अगर मेरी नजर गलती से आपकी छाती की तरफ जाए ! तो क्या आपको बुरा नहीं लगेगा ? अब पूरा माहौल दर्शक बनकर शान्ति से ये देख रहा है,
"मै क्या करूँ . मै मजबूर हूँ ! मेरी आँखे तो सिर्फ आपकी आँखों में डूबना चाहता है . मगर ये आँखे साढ़े पांच सौ मेगापिक्सल की ताकत लिए हुए आस पास की हर चीज़ मुझे बिना ध्यान दिए दिखा रही है, और, मेरा दिमाग उसी ओर जा रहा है, जो मुझे झाँक रहा है, अब लडकी शर्माने लगी,
"जब भी आपको कोई देखता होगा तो सिर्फ उसकी वासना जागती होगी आपके लिए, और आपको बस यही लगता होगा की मै इतनी सुन्दर हूँ की लोग मेरे दीवाने हो रहे हैं . लेकिन किसी के अन्दर का शैतान जाग गया, और तुम्हारी इज्जत लूट ली गई तो? चलिए मान लेते हैं आप शक्तिशाली हैं पर, इसका मतलब ये तो नही की हर ताकतवर इंसान नंगा नाचेगा, तुम्हारे माँ बाप तो हमारे देश की संस्कार की दुहाई देने लगेंगे, मै तो लड़का हूँ, और मै सिर्फ वही देख रहा हूँ जो तुम दिखाना चाह रही हो . ना ही यहाँ गर्मी है ! और ना ही ये तुम्हारी नानी का घर , बोलो ? लडकी कुछ जवाब ना दे पाई ..
अब बगल में बैठी एक आंटी को गुस्सा आया और गुस्से से चिल्लाई – ओये मिस्टर लड़की छेड़ रहा है ? रुक अभी बुलाती हूँ पुलिस को . एक फोन घुमाउंगी और तू सड़ेगा पूरी जिन्दगी जेल में . "तू जानता है मै यहाँ के लेडिस क्लब की प्रेसिडेंट हूँ . "तो मै नाचूं ? उस गुंडे ने लापरवाही से जवाब दिया । "हम भारत की नारी हैं , हमारी ताकत के आगे सब झुकते हैं , पूरी दुनिया नारी शक्ती का लोहा मानती है , और तू , छोटा मोटा गुंडा . आंटी भी उसे डराने की कोशिश करने लगी .
"काहे की नारी शक्ति . वो भी हमारे देश में ? कुछ लोगों ने चार प्रोग्राम क्या दिखा दिए तुम लोगों का दिमाग खराब हो गाया , ये है नारी शक्ती – जो फटे चीथड़ों में लिपटी है . या इसके दोस्त . या आप ? मोटा मेकअप लगा के माल के अन्दर पैसा उड़ाने आई हैं . सिर्फ अंगरेजी ब्रांड की गुलाम . "एक तरफ इस देश की मीडिया हमारे देश की महिलाओं को महान और ममता का सागर दिखाती है , दूसरी तरफ वही मीडिया और टी.वी उद्योग जो पूरी तरह से बर्बाद है , औरतों को अपने नाटक में हमेशा लाचार और बेबस दिखाता है , हर वक्त उनकी आँखों में आंसू या दुःख .
"यहाँ तो कोई बुढिया भी चैन से नहीं जीती टी.वी. के अन्दर . हर वक्त जलन और नफ़रत से भरे सीरियल्स . जिसे पूरा देश मजे से देखता है , अगर इस देश की नारी ताकतवर होती तो उसे टी.वी. में भी ताकतवर दिखाया जाता . उसे कहीं भी लाचार और बेबस नहीं दिखाते , जलन तो सिर्फ मर्द ही करते नजर आते , और आपस में चिढ के मारे बात करना ही बंद कर देते ... अब तो हद हो गई है मर्दों को भी चुगली और जलन , से भरे टी,वी सीरियल्स पसंद आने लगे हैं . अब मेरा सवाल ये है की जो टी,वी में दिख रहा है वो असली है या ? तुम औरतों को दूसरों की चुगली करने में मजा आता है . दुसरे की खुशी बर्दाश्त नहीं होती . या तुम हर वक्त जलन में ही जलती रहती हो ? और दूसरों का दुःख और लड़ाई देखने में तुम्हे मजा आता है . ???? ऐसा मै नहीं कह रहा, सारे नाटक और धारावाहिक में यही दिखाते है ! भारतीय नारी के बारे में . "तो बताइये आंटी जी क्या है - इस देश में नारी शक्ति का मतलब ? ये सुनकर आंटी कोमा में चली गई .
"समाज ऐसे ही बर्बाद होते जा रहा है . इसे और बर्बाद मत करो , तुम कोई विदेशी नहीं भारतीय लड़की हो , सो अपने देश को बचाने की खातिर ही सही ! ढंग के कपडे पहनो . प्लीस ...
अब उस लड़की ने धीरे से कहा .हूँ ...कहा और सहमति में हलकी मुस्कान लिए हलके से अपना सर हिलाया ....
असल में इन्हें पता ही नहीं की फैशन क्या है ! क्यों है? , अपनी पसंदीदा हिरोइन को ऐसे कपडे पहने देखा,
और बस वैसा ही अपने लिए ऑर्डर कर दिया ,,,

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